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শিক্ষক_নিবন্ধন ও প্রাইমারি শিক্ষক নিয়োগ পরীক্ষা ফাইনাল সাজেশন

শিক্ষক_নিবন্ধন ও প্রাইমারি শিক্ষক নিয়োগ পরীক্ষা ফাইনাল সাজেশন

 

চাকরির পরীক্ষায় প্রায়ই আসে এমন প্রশ্ন অনুশীলন:- 

অশুদ্ধ- শুদ্ধ📷✔
1. অংক- অঙ্ক
2. অংকন- অঙ্কন
3. অংকুর- অঙ্কুর
4. অংগ- অঙ্গ
5. অংগন- অঙ্গন
6. অংগাংগী- অঙ্গাঙ্গি
7. অকল্যান- অকল্যাণ
8. অকারন- অকারণ
9. অগ্রগন্য- অগ্রগণ্য
10. অগ্রহায়ন- অগ্রহায়ণ
11. অচিন্ত- অচিন্ত্য
12. অচিন্ত্যনীয়- অচিন্তনীয়
13. অঞ্জলী- অঞ্জলি
14. অণ্বেষণ- অন্বেষণ
15. অতিথী- অতিথি
16. অতিব- অতীব
17. অতিষ্ট- অতিষ্ঠ
18. অত্যাধিক- অত্যধিক
19. অত্যান্ত- অত্যন্ত
20. অদ্ভূত- অদ্ভুত
21. অদ্যপি- অদ্যাপি
22. অদ্যবদি- অদ্যাবধি
23. অধঃস্তন- অধস্তন
24. অধিকরন- অধিকরণ
25. অধীনস্ত- অধীনস্থ
26. অধ্যাবসায়- অধ্যবসায়
27. অধ্যায়ণ- অধ্যয়ন
28. অধ্যূষিত- অধ্যুষিত
29. অনিন্দসুন্দর- অনিন্দ্যসুন্দর
30. অনিষ্ঠ- অনিষ্ট
31. অনু- অণু
32. অনুকুল- অনুকূল
33. অনুর্ধ্ব- অনূর্ধ্ব
34. অনুসঙ্গ- অনুষঙ্গ
35. অন্তঃসত্তা- অন্তসত্ত্বা
36. অন্তকরণ- অন্তঃকরণ
37. অন্তর্ভূক্ত- অন্তর্ভুক্ত
38. অন্তর্মুখি- অন্তর্মুখী
39. অন্যমনষ্ক- অন্যমনস্ক
40. অপসৃয়মান- অপসৃয়মাণ
41. অপাংক্তেয়- অপাঙ্ক্তেয়
42. অপেক্ষমান- অপেক্ষমাণ
43. অভিভুত- অভিভূত
44. অভিমুখি- অভিমুখী
45. অভ্যন্তরিক- আভ্যন্তরিক
46. অভ্যস্থ- অভ্যস্ত
47. অমানুসিক- অমানুষিক
48. অমাবশ্যা- অমাবস্যা
49. অমিতাক্ষর- অমিত্রাক্ষর
50. অর্ধ্ব- অর্ধ
51. অর্পণা- অপর্ণা
52. অলংঘ- অলঙ্ঘ্য
53. অশিরিরী- অশরীরী
54. অসুয়া- অসূয়া
55. অস্তমান- অস্তায়মান
56. অহঃরহ- অহরহ
57. আঁড়াআড়ি- আড়াআড়ি
58. আঁড়িপাতা- আড়িপাতা
59. আকষ্কিক- আকস্মিক
60. আকাংখা- আকাঙ্ক্ষা
61. আকাবাকা- আঁকাবাঁকা
62. আকুতি- আকূতি
63. আকূল- আকুল
64. আক্রমন- আক্রমণ
65. আটপৌড়ে- আটপৌরে
66. আড়ষ্ঠ- আড়ষ্ট
67. আড়ৎ- আড়ত
68. আতংক- আতঙ্ক
69. আত্মস্যাৎ- আত্মসাৎ
70. আদ্যান্ত- আদ্যন্ত
71. আদ্র- আর্দ্র
72. আনবিক- আণবিক
73. আনুষাঙ্গিক- আনুষঙ্গিক
74. আপাতঃদৃষ্টে- আপাতদৃষ্টে
75. আপাততঃ- আপাতত
76. আপোষ- আপোস
77. আভ্যন্তরীণ- অভ্যন্তরীণ
78. আয়ত্ব- আয়ত্ত
79. আয়ত্বাধীন- আয়ত্তাধীন
80. আরাম্ভ- আরম্ভ
81. আলিংগন- আলিঙ্গন
82. আলোচ্যমান- আলোচ্য
83. আশংকা- আশঙ্কা
84. আশক্তি- আসক্তি
85. আশ্বস্থ- আশ্বস্ত
86. আস্তাকুঁড়- আঁস্তাকুড়
87. ইংগিত- ইঙ্গিত
88. ইতঃস্তত- ইতস্তত
89. ইতিপূর্বে- ইতঃপূর্বে
90. ইতিমধ্যে- ইতোমধ্যে
91. ইদানিং- ইদানীং
92. ইয়ত্বা- ইয়ত্তা
93. ইষ্ঠ- ইষ্ট
94. ইষৎ- ঈষৎ
95. ঈস্পিত- ঈপ্সিত
96. উচিৎ- উচিত
97. উচ্চৈস্বরে- উচ্চৈঃস্বরে
98. উচ্ছ্বল- উচ্ছল
99. উজ্বল- উজ্জ্বল
100. উত্তরন- উত্তরণ
101. উত্তরসুরী- উত্তরসূরি
102. উত্তলন- উত্তোলন
103. উত্যক্ত- উত্ত্যক্ত
104. উদীচি- উদীচী
105. উদ্দান- উদ্যান
106. উদ্দ্যোগ- উদ্যোগ
107. উদ্ধত্য- ঔদ্ধত্য
108. উদ্বিঘ্ন- উদ্বিগ্ন
109. উদ্ভিজ- উদ্ভিজ্জ
110. উদ্ভুত- উদ্ভূত
111. উনবিংশ- ঊনবিংশ
112. উপকুল- উপকূল
113. উপচার্য- উপাচার্য
114. উপরোক্ত- উপরিউক্ত
115. উপলক্ষ্য- উপলক্ষ
116. উভয়চর- উভচর

 

117. উর্ধ্ব- ঊর্ধ্ব
118. উর্মি- ঊর্মি
119. উশৃঙ্খল- উচ্ছৃঙ্খল
120. উষর- ঊষর
121. উহ্য- ঊহ্য
122. উৎকর্ষতা- উৎকর্ষ
123. ঊনিশ- উনিশ
124. এককৃত- একীকৃত
125. একনিষ্ট- একনিষ্ঠ
126. একভূত- একীভূত
127. একাধিক্রমে- একাদিক্রমে
128. এক্ষুণি- এক্ষুনি
129. এতদ্সঙ্গে- এতৎসঙ্গে
130. এতদ্সত্ত্বেও- এতৎসত্ত্বেও
131. এশিয়- এশীয়
132. ঐকবদ্ধ- ঐক্যবদ্ধ
133. ঐক্যতা- একতা
134. ঐক্যতান- ঐকতান
135. ঐক্যমত- ঐকমত্য
136. ওতঃপ্রোত- ওতপ্রোত
137. ঔচিত্ত- ঔচিত্য
138. কংকণ- কঙ্কণ
139. কংকাল- কঙ্কাল
140. কচিৎ- ক্বচিৎ
141. কটুক্তি- কটূক্তি
142. কতৃক- কর্তৃক
143. কতৃত্ত্ব- কর্তৃত্ব
144. কতৃপক্ষ- কর্তৃপক্ষ
145. কথপোকথন- কথোপকথন
146. কদাচিত- কদাচিৎ
147. কনা- কণা
148. কনিষ্ট- কনিষ্ঠ
149. কন্ঠশিল্পী- কণ্ঠশিল্পী
150. কন্ঠস্ত- কণ্ঠস্থ
151. কয়েদী- কয়েদি
152. করনিক- করণিক
153. কর্তী- কর্ত্রী
154. কর্মচারি- কর্মচারী
155. কলংক- কলঙ্ক
156. কলসী- কলসি
157. কল্যান- কল্যাণ
158. কল্যানীয়াষু- কল্যাণীয়াসু
159. কল্যানীয়েসু- কল্যাণীয়েষু
160. কষ্ঠি- কষ্টি
161. কাঁচ- কাচ
162. কাঁছাকাছি- কাছাকাছি
163. কাংখিত- কাঙ্খিত
164. কাকলী- কাকলি
165. কাচা- কাঁচা
166. কাতলা- কাৎলা
167. কার্যতঃ- কার্যত
168. কিংবদন্তী- কিংবদন্তি
169. কিম্বা- কিংবা
170. কুটনীতি- কূটনীতি
171. কুৎসিৎ- কুৎসিত
172. কূটিল- কুটিল
173. কৃচ্ছতা- কৃচ্ছ্রতা
174. কৃচ্ছসাধন- কৃচ্ছ্রসাধন
175. কৃষিজীবি- কৃষিজীবী
176. কৃষ্টিবান- কৃষ্টিমান
177. কেন্দ্রিয়- কেন্দ্রীয়
178. কেরাণী- কেরানি
179. কোণাকুণি- কোনাকুনি
180. কৌতুহল- কৌতূহল
181. কৌতূক- কৌতুক
182. ক্রুর- ক্রূর
183. ক্ষীয়মান- ক্ষীয়মাণ
184. ক্ষুন্ন- ক্ষুণ্ণ
185. ক্ষুব্দ- ক্ষুব্ধ
186. ক্ষেপন- ক্ষেপণ
187. ক্ষেপনাস্ত্র- ক্ষেপণাস্ত্র
188. খঞ্জনী- খঞ্জনি
189. খুটিনাটি- খুঁটিনাটি
190. খুড়ী- খুড়ি
191. খুশী- খুশি
192. খেতমজুর- ক্ষেতমজুর
193. খেলাধূলা- খেলাধুলা
194. খেলোয়ার- খেলোয়াড়
195. খোজ- খোঁজ
196. খোলাখোলি- খোলাখুলি
197. গংগা- গঙ্গা
198. গগণ- গগন
199. গড্ডালিকা- গড্ডলিকা
200. গত্যান্তর- গত্যন্তর
201. গন- গণ
202. গননা- গণনা
203. গনিত- গণিত
204. গন্য- গণ্য
205. গন্জ- গঞ্জ
206. গবেষনা- গবেষণা
207. গরীব- গরিব
208. গর্ধব- গর্ধভ
209. গাড়ী- গাড়ি
210. গার্হস্থ- গার্হস্থ্য
211. গীর্জা- গির্জা
212. গুড়া- গুঁড়া
213. গুড়ো- গুঁড়ো
214. গুণে গুণে- গুনে গুনে
215. গৃহস্ত- গৃহস্থ
216. গৃহিত- গৃহীত
217. গোধুলি- গোধূলি
218. গোষ্ঠি- গোষ্ঠী
219. গোস্পদ- গোষ্পদ
220. গ্রন্থী- গ্রন্থি
221. গ্রহন- গ্রহণ
222. গ্রহিতা- গ্রহীতা
223. গ্রামীন- গ্রামীণ
224. গ্রীক- গ্রিক
225. গ্রীস- গ্রিস
226. ঘনিষ্ট- ঘনিষ্ঠ
227. ঘরণী- ঘরনি
228. ঘাটি- ঘাঁটি
229. ঘুরাঘুরি- ঘোরাঘুরি
230. ঘুর্ণীয়মান- ঘূর্ণায়মান
231. ঘুর্নি- ঘূর্ণি
232. ঘুসখোর- ঘুষখোর
233. ঘূণ- ঘুণ
234. ঘোষনা- ঘোষণা
235. ঘ্রান- ঘ্রাণ
236. চত্তর- চত্বর
237. চরক- চড়ক
238. চাকরানী- চাকরানি
239. চাকরী- চাকরি
240. চাকুরী- চাকুরী
241. চাতুর্যতা- চাতুর্য
242. চীৎকার- চিৎকার
243. চুড়মার- চুরমার
244. চুড়ান্ত- চূড়ান্ত
245. চূষ্য- চোষ্য
246. চৌচিড়- চৌচির
247. ছাকনি- ছাঁকনি
248. ছাকা- ছাঁকা
249. ছাত্রীবাস- ছাত্রীনিবাস
250. ছোওয়া- ছোঁয়া
251. ছোকড়া- ছোকরা
252. ছোটখাট- ছোটোখাটো
253. ছোটাছোটি- ছোটাছুটি
254. জংগল- জঙ্গল
255. জগত- জগৎ
256. জঘণ্য- জঘন্য
257. জটীল- জটিল
258. জবানবন্দী- জবানবন্দি
259. জরুরী- জরুরি
260. জাগরুক- জাগরূক
261. জাতিয়- জাতীয়
262. জাতী- জাতি
263. জাতীয়করন- জাতীয়করণ
264. জানুয়ারী- জানুয়ারি
265. জিনিষ- জিনিস
266. জীবীকা- জীবিকা
267. জেষ্ঠ্য- জ্যেষ্ঠ
268. জৈষ্ঠ্য- জ্যৈষ্ঠ
269. জ্বরাজীর্ণ- জরাজীর্ণ
270. টাকশাল- টাঁকশাল
271. টেঁকসই- টেকসই
272. ডাইনী- ডাইনি
273. তক্ষুণি- তক্ষুনি
274. তছরূপ- তছরুপ
275. তড়িত- তড়িৎ
276. ততক্ষণাৎ- তৎক্ষণাৎ
277. ততধিক- ততোধিক
278. তত্তজ্ঞান- তত্ত্বজ্ঞান
279. তত্তাবদায়ক- তত্ত্বাবধায়ক
280. তত্তাবধান- তত্ত্বাবধান
281. তদসংক্রান্ত- তৎসংক্রান্ত
282. তদানুসারে- তদনুসারে
283. তদ্রুপ- তদ্রূপ
284. তফাত- তফাৎ
285. তরংগ- তরঙ্গ
286. তরান্বিত- ত্বরান্বিত
287. তর্জনি- তর্জনী
288. তষ্কর- তস্কর
289. তাঁতী- তাঁতি
290. তাবত- তাবৎ
291. তিতীক্ষা- তিতিক্ষা
292. তিরষ্কার- তিরস্কার
293. ত্বরিৎ- ত্বরিত
294. ত্যজ্য- ত্যাজ্য
295. ত্রান- ত্রাণ
296. ত্রিভূজ- ত্রিভুজ
297. তৎবিষয়ক- তদ্বিষয়ক
298. থুত্থুরে- থুত্থুড়ে
299. দক্ষিন- দক্ষিণ
300. দণ্ডবত- দণ্ডবৎ
301. দরকারী- দরকারি
302. দরুণ- দরুন
303. দারিদ্রতা- দরিদ্রতা, দারিদ্র
304. দারুন- দারুণ
305. দিকভ্রান্ত- দিগভ্রান্ত
306. দিক্ষা- দীক্ষা
307. দিঘী- দিঘি
308. দীর্ঘসূত্রিতা- দীর্ঘসূত্রতা
309. দুতাবাস- দূতাবাস
310. দুরবীক্ষন- দূরবীক্ষণ
311. দুরাবস্থা- দুরবস্থা
312. দুষ- দোষ
313. দুষ্কৃতীকারী- দুষ্কৃতকারী
314. দূরবীক্ষন- দূরবীক্ষণ
315. দূরবীণ- দূরবীন
316. দূরারোগ্য- দুরারোগ্য
317. দূরুহ- দুরূহ
318. দূর্গ- দুর্গ
319. দৃঢ়করণ- দৃঢ়ীকরণ
320. দৃষ্টিকোন- দৃষ্টিকোণ
321. দৃষ্ঠিভঙ্গি- দৃষ্টিভঙ্গি
322. দেদীপ্যমাণ- দেদীপ্যমান
323. দেরী- দেরি
324. দৈনতা- দীনতা, দৈন্য
325. দোষনীয়- দূষণীয়
326. দ্বন্দ- দ্বন্দ্ব
327. দ্বিতীয়তঃ- দ্বিতীয়ত
328. ধজা- ধ্বজা
329. ধরণ- ধরন
330. ধাধা- ধাঁধা
331. ধারন- ধারণ
332. ধারনা- ধারণা
333. ধুমপান- ধূমপান
334. ধুর্ত- ধূর্ত
335. ধুলি- ধূলি
336. ধুসর- ধূসর
337. ধূলা- ধুলা
338. ধ্বনী- ধ্বনি
339. ধ্বস- ধ্স
340. ধ্বস্তাধ্বস্তি- ধ্স্তাধস্তি
341. নচেত- নচেৎ
342. নচ্ছাড়- নচ্ছাড়
343. নবীণ- নবীন
344. নমষ্কার- নমস্কার
345. নিক্কন- নিক্বণ
346. নিন্দ্যনীয়- নিন্দনীয়
347. নিরব- নীরব
348. নিরস- নীরস
349. নিরুপন- নিরূপণ
350. নিরোগ- নীরোগ
351. নির্দোষী- নির্দোষ
352. নির্ধনী- নির্ধন
353. নির্নয়- নির্ণয়
354. নিস্কাশন- নিষ্কাশন
355. নিস্প্রভ- নিষ্প্রভ
356. নিস্প্রয়োজন- নিষ্প্রয়োজন
357. নিহারীকা- নীহারিকা
358. নীচে- নিচে
359. নীজ- নিজ
360. নীরলস- নিরলস
361. নূন্যতম- ন্যূনতম
362. নৃসংশ- নৃশংস
363. নৈশব্দ্য- নৈঃশব্দ্য
364. ন্যয়- ন্যায়
365. ন্যয্য- ন্যায্য
366. পংক- পঙ্ক
367. পংক্তি- পঙক্তি
368. পক্ক- পক্ব
369. পড়শী- পড়শি
370. পড়াশুনা- পড়াশোনা
371. পথমধ্যে- পথিমধ্যে
372. পথিকৃত- পথিকৃৎ
373. পন্য- পণ্য
374. পরবর্তীতে- পরবর্তীকালে
375. পরমানু- পরমাণু
376. পরমানু- পরমাণু
377. পরষ্পর- পরস্পর
378. পরাস্থ- পরাস্ত
379. পরিনাম- পরিণাম
380. পরিবহণ- পরিবহন
381. পরিমান- পরিমাণ
382. পরিষ্ফুট- পরিস্ফুট
383. পরিস্কার- পরিষ্কার
384. পশ্চাদপট- পশ্চাৎপট
385. পশ্চাদপদ- পশ্চাৎপদ
386. পশ্চাৎগামী- পশ্চাদগামী
387. পশ্চাৎভূমি- পশ্চাদভূমি
388. পারদর্শীতা- পারদর্শিতা
389. পারমানবিক- পারমাণবিক
390. পার্বন- পার্বণ
391. পালংক- পালঙ্ক
392. পাষান- পাষাণ
393. পিচাশ- পিশাচ
394. পিঠস্থান- পীঠস্থান
395. পিপিলিকা- পিপীলিকা
396. পুংখানুপুংখ- পুঙ্খানুপুঙ্খ
397. পুজা- পূজা
398. পুণবিবেচনা- পুনর্বিবেচনা
399. পুন্য- পুণ্য
400. পুরষ্কার- পুরস্কার
401. পুর্ন- পূর্ণ
402. পুস্করিনী- পুষ্করিণী
403. পূজো- পুজো
404. পূবালী- পুবালি
405. পূর্ণগঠন- পুনর্গঠন
406. পৈত্রিক- পৈতৃক
407. পোষাক- পোশাক
408. পৌনঃপৌনিক- পৌনঃপুনিক
409. পৌরহিত্য- পৌরোহিত্য
410. প্রজ্জলন- প্রজ্বলন
411. প্রজ্জলিত- প্রজ্বলিত
412. প্রণয়ণ- প্রণয়ন
413. প্রতিকুল- প্রতিকূল
414. প্রতিযোগীতা- প্রতিযোগিতা
415. প্রত্যয়ণ- প্রত্যায়ন
416. প্রথমতঃ- প্রথমত
417. প্রধানতঃ- প্রধানত
418. প্রনালী- প্রণালী
419. প্রনিধান- প্রণিধান
420. প্রবাহমাণ- প্রবাহমান
421. প্রবীন- প্রবীণ
422. প্রভুত- প্রভূত
423. প্রয়ান- প্রয়াণ
424. প্রশস্থ- প্রশস্ত
425. প্রসংগ- প্রসঙ্গ
426. প্রসংশা- প্রশংসা
427. প্রাংগন- প্রাঙ্গণ
428. প্রাণপন- প্রাণপণ
429. প্রানীজগৎ- প্রাণীজগৎ
430. প্রানীবিদ্যা- প্রাণীবিদ্যা
431. ফলতঃ- ফলত
432. ফলপ্রসু- ফলপ্রসূ
433. ফাল্গুণ- ফাল্গুন
434. ফেব্রুয়ারী- ফেব্রুয়ারি
435. বংগ- বঙ্গ
436. বনষ্পতি- বনস্পতি
437. বনিক- বণিক
438. বন্টন- বণ্টন
439. বন্দোপাধ্যায়- বন্দ্যোপাধ্যায়
440. বয়ষ্ক- বয়স্ক
441. বয়োকনিষ্ট- বয়ঃকনিষ্ঠ

442. বর্ণালী- বর্ণালি
443. বর্ত্তমান- বর্তমান
444. বর্ষন- বর্ষণ
445. বাঁশী- বাঁশি
446. বাকদত্তা- বাগদত্তা
447. বাঞ্চনীয়- বাঞ্ছনীয়
448. বাঞ্চা- বাঞ্ছা
449. বাড়ী- বাড়ি
450. বাদুর- বাদুড়
451. বানিজ্য- বাণিজ্য
452. বিদ্যান- বিদ্বান
453. বিপদগ্রস্থ- বিপদগ্রস্ত
454. বিপদজনক- বিপজ্জনক
455. বিপনন- বিপণন
456. বিপনী- বিপণী
457. বিশ্বস্থ- বিশ্বস্ত
458. বিষ্ফোরণ- বিস্ফোরণ
459. বীভৎস্য- বীভৎস
460. বুদ্ধিজীবি- বুদ্ধজীবী
461. বেশী- বেশি
462. ব্যকরণ- ব্যাকরণ
463. ব্যপক- ব্যাপক
464. ব্যহত- ব্যাহত
465. ব্যাতিক্রম- ব্যতিক্রম
466. ব্যাথা- ব্যথা
467. ব্যাপি- ব্যাপী
468. ব্যাবধান- ব্যবধান
469. ব্যাবহার- ব্যবহার
470. ব্যাভিচার- ব্যভিচার
471. ব্যায়- ব্যয়
472. ব্যার্থ- ব্যর্থ
473. ব্যুৎপত্তি- বুৎপত্তি
474. ব্রাক্ষণ- ব্রাহ্মণ
475. ভংগ- ভঙ্গ
476. ভংগী- ভঙ্গি
477. ভংগুর- ভঙ্গুর
478. ভনিতা- ভণিতা
479. ভবিষ্যৎবাণী- ভবিষ্যদ্বাণী
480. ভরনপোষণ- ভরণপোষণ
481. ভষ্ম- ভস্ম
482. ভাষ্কর- ভাস্কর
483. ভিখারী- ভিখারি
484. ভিরু- ভীরু
485. ভীড়- ভিড়
486. ভুড়ি- ভুঁড়ি
487. ভুতপূর্ব- ভূতপূর্ব
488. ভুমিষ্ট- ভূমিষ্ঠ
489. ভুয়সী- ভূয়সী
490. ভুরিভোজন- ভূরিভোজন
491. ভূবন- ভুবন
492. ভূয়া- ভুয়া
493. ভূল- ভুল
494. ভৌগলিক- ভৌগোলিক
495. ভ্রমন- ভ্রমণ
496. ভ্রাম্যমান- ভ্রাম্যমাণ
497. ভ্রুক্ষেপ- ভ্রূক্ষেপ
498. মজুরী- মজুরি
499. মণিষা- মনীষা
500. মনমালিন্য- মনোমালিন্য
501. মনিষী- মনীষী
502. মন্ত্রনালয়- মন্ত্রণালয়
503. ময়ুর- ময়ূর
504. মরুদ্যান- মরূদ্যান
505. মশারী- মশারি
506. মস্তিস্ক- মস্তিষ্ক
507. মহত্ত- মহত্ত্ব
508. মহামতী- মহামতি
509. মহামারি- মহামারী
510. মহিয়সী- মহীয়সী
511. মাংশ- মাংস
512. মানিক্য- মানিক
513. মাসী- মাসি
514. মাহাত্ম- মাহাত্ম্য
515. মিতালী- মিতালি
516. মিমাংসা- মীমাংসা
517. মিরিচিকা- মরীচিকা
518. মুখস্ত- মুখস্থ
519. মুঢ়- মূঢ়
520. মুত্র- মূত্র
521. মুদ্রন- মুদ্রণ
522. মুমুর্ষ- মুমূর্ষ
523. মুর্খ- মূর্খ
524. মুর্তি- মূর্তি
525. মুর্ধন্য- মূর্ধন্য
526. মুষ্ঠি- মুষ্টি
527. মুহুর্ত- মুহূর্ত
528. মুহূর্মুহু- মুহুর্মুহু
529. মুহ্যবান- মোহ্যমান
530. মূখ্য- মুখ্য
531. মূল্যায়ণ- মূল্যায়ন
532. মৃয়মান- ম্রিয়মাণ
533. মোটামোটি- মোটামুটি
534. মৌনতা- মৌন
535. যক্ষা- যক্ষ্মা
536. যথেষ্ঠ- যথেষ্ট
537. যদ্যাপি- যদ্যপি
538. যন্ত্রনা- যন্ত্রণা
539. যাদুঘর- জাদুঘর
540. রংগ- রঙ্গ
541. রঙিণ- রঙিন
542. রঙ্গিণ- রঙ্গিন
543. রথি- রথী
544. রসায়ণ- রসায়ন
545. রাংগামাটি- রাঙ্গামাটি
546. রামায়ন- রামায়ণ
547. রাষ্ট্রিয়- রাষ্ট্রীয়
548. রূপায়ন- রূপায়ণ
549. রোপন- রোপণ
550. লংকা- লঙ্কা
551. লংঘন- লঙ্ঘন
552. লক্ষী- লক্ষ্মী
553. লক্ষ্যণীয়- লক্ষণীয়
554. লঘুকরণ- লঘূকরণ
555. লজ্জাষ্কর- লজ্জাকর
556. লবন- লবণ
557. লাইব্রেরী- লাইব্রেরি
558. লাবন্য- লাবণ্য
559. শংকর- শঙ্কর
560. শংকা- শঙ্কা
561. শংকিত- শঙ্কিত
562. শরীক- শরিক
563. শশাংক- শশাঙ্ক
564. শশুর- শ্বশুর
565. শশ্মান- শ্মশান
566. শাড়ী- শাড়ি
567. শারীরীক- শারীরিক
568. শাশুড়ী- শাশুড়ি
569. শিক্ষাঙ্গন- শিক্ষাঙ্গণ
570. শিরচ্ছেদ- শিরশ্ছেদ
571. শিরধার্য- শিরোধার্য
572. শিরনাম- শিরোনাম
573. শিরমণি- শিরোমণি
574. শুভাকাংখী- শুভাকাঙ্খী
575. শুশ্রুষা- শুশ্রূষা
576. শূণ্য- শুন্য
577. শৃংখলা- শৃঙ্খলা
578. শ্বাশত- শাশ্বত
579. শ্রদ্ধাঞ্জলী- শ্রদ্ধাঞ্জলি
580. শ্রদ্ধাভাজনীয়- শ্রদ্ধাভাজন
581. শ্রদ্ধাষ্পদ- শ্রদ্ধাস্পদ
582. শ্রমজীবি- শ্রমজীবী
583. শ্রাবন- শ্রাবণ
584. শ্রীমতি- শ্রীমতী
585. শ্রেষ্ট- শ্রেষ্ঠ
586. ষষ্ট- ষষ্ঠ
587. ষষ্ঠদশ- ষোড়শ
588. সংগা- সংজ্ঞা
589. সংগী- সঙ্গী
590. সখ- শখ
591. সতীন- সতিন
592. সত্বেও- সত্ত্বেও
593. সত্যয়িত- সত্যায়িত
594. সদ্যজাত- সদ্যোজাত
595. সদ্যস্নাত- সদ্যঃস্নাত
596. সনাক্ত- শনাক্ত
597. সন্মান- সম্মান
598. সন্মানীত- সম্মানীত
599. সন্মুখ- সম্মুখ
600. সন্মেলন- সম্মেলন
601. সমীচিন- সমীচীন
602. সম্বরণ- সংবরণ
603. সম্বর্ধনা- সংবর্ধনা
604. সম্বলিত- সংবলিত
605. সরকারী- সরকারি
606. সরণী- সরণি
607. সরনী- সরণি
608. সর্বাঙ্গীন- সর্বাঙ্গীণ
609. সলজ্জিত- সলজ্জ
610. সশংকিত- সশঙ্ক
611. সহকারি- সহকারী
612. সাংগ- সাঙ্গ
613. সাক্ষাতকার- সাক্ষাৎকার
614. সাড়াশী- সাঁড়াশি
615. সাধারন- সাধারণ
616. সান্তনা- সান্ত্বনা
617. সামগ্রীক- সামগ্রিক
618. সৌখিন- শৌখিন
619. স্বচ্ছল- সচ্ছল
620. স্বরস্বতী- সরস্বতী
621. স্বস্ত্রীক- সস্ত্রীক
622. স্বাতন্ত্র- স্বাতন্ত্র্য
623. স্বাধীকার- স্বাধিকার
624. স্বায়ত্ত্বশাসন- স্বায়ত্তশাসন
625. স্মরন- স্মরণ
626. স্রোতঃস্বতী- স্রোতস্বতী
627. হীনমন্যতা- হীনম্মন্যতা
628. হৃদপিণ্ড- হৃৎপিণ্ড
629. হৃদস্পন্দন- হৃৎস্পন্দন

 

প্রয়োগ-অপপ্রয়োগ

১।বহুবচনের অপপ্রয়োগজনিত ভুল: আমরা অনেক সময় অশুদ্ধভাবে বহুবচনের দ্বিত্ব ব্যবহার করি। যেমন-

অপপ্রয়োগ: সার্কভুক্ত অন্যান্য দেশগুলো।

শুদ্ধ প্রয়োগ: সার্কভুক্ত অন্যান্য দেশ অথবা, সার্কভুক্ত অন্য দেশগুলো।

অপপ্রয়োগ: অনেক ছাত্রগণ  –  শুদ্ধ প্রয়োগ: অনেক ছাত্র।

অপপ্রয়োগ: সকল দর্শকমণ্ডলী। –  শুদ্ধ প্রয়োগ: সকল দর্শক অথবা দর্শকমণ্ডলী।

বি: দ্র: মনে রাখুন বহুবচনের পর দ্বিত্ব প্রয়োগ হয় না।

২। শব্দের অপপ্রয়োগজনিত ভুল: আমরা প্রায় শব্দের অপপ্রয়োজনিত ভুল করে থাকি। যেমন-

অশ্রুজল: অশ্রু অর্থই চোখের জল। তাই অশ্রুজল ব্যবহার ভুল।

আয়ত্তাধীন: আয়ত্ত শব্দের অর্থই অধীন। তাই আয়ত্তের পর অধীন ব্যবহার বাহুল্য।

জন্মবার্ষিকী: জন্মবার্ষিক শব্দই যথেষ্ট। এক্ষেত্রে স্ত্রী প্রত্যয় যোগ বহুল প্রচলিত হলেও তা অশুদ্ধ।

ভাষাভাষী: ভাষা ব্যবহারকারী অর্থে ভাষীই যথার্থ ও যথেষ্ট। ভাষাভাষী প্রয়োগ অশুদ্ধ।

৩। শব্দের বানানগত অশুদ্ধি/অপপ্রয়োগ: বানানরীতি সম্পর্কে অজ্ঞতার ফলে শব্দের বানান-বিভ্রান্তি ঘটে থাকে।

 চাকরির পরীক্ষায় প্রায়ই আসে এমন

অশুদ্ধ: অপেক্ষমান –  শুদ্ধ: অপেক্ষমাণ

অশুদ্ধ: প্রাণীবিদ্যা  —  শুদ্ধ: প্রাণিবিদ্যা

অশুদ্ধ: উল্লেখিত —  শুদ্ধ: উল্লিখিত

অশুদ্ধ: মন্ত্রীসভা —  শুদ্ধ: মন্ত্রিসভা

অশুদ্ধ: শিরচ্ছেদ —  শুদ্ধ: শিরশ্ছেদ

৪। শব্দের গঠনগত অপপ্রয়োগ: শব্দের গঠনরীতি সম্পর্কে অজ্ঞতার ফলে শব্দ ব্যবহারে বিভ্রান্তি ঘটে থাকে। যেমন-

চাকরির পরীক্ষায় প্রায়ই আসে এমন

অশুদ্ধ: অর্ধাঙ্গিনী —  শুদ্ধ: অর্ধাঙ্গী

অশুদ্ধ: কর্তাগণ —  শুদ্ধ: কর্তৃগণ

অশুদ্ধ: সম্ভব —  শুদ্ধ: সম্ভবপর

অশুদ্ধ: ইতিমধ্যে —  শুদ্ধ: ইতোমধ্যে

অশুদ্ধ: একত্রিত —  শুদ্ধ: একত্র

অশুদ্ধ: চলমান —  শুদ্ধ: চলন্ত।

৫। প্রায় সমোচ্চারিত শব্দের বানান: শব্দের সঠিক অর্থ সম্পর্কে সম্যক জ্ঞান না থাকার কারণেও প্রয়োগ বিভ্রান্তি ঘটে থাকে। যেমন-

চাকরির পরীক্ষায় প্রায়ই আসে এমন

অণু: বস্তুর ক্ষুদ্রতম ক্ষুদ্রতম অংশ —  অনু: পশ্চাৎ

অশ্ব: ঘোড়া —  অশ্ম: পাথর

ছাড়: ত্যাগ —  ছার: তুচ্ছ

দীপ: প্রদীপ —  দ্বিপ: হাতি

ভাষা: কথা —  ভাসা: জল বা বায়ুর উপর ভর করে থাকা

বানান শুদ্ধি

ক) বস্তুবাচক শব্দ ও প্রাণিবাচক অ-তৎসম শব্দের শেষে ই-কার (ি) হবে। যেমন-

বস্তুবাচক শব্দ: বাড়ি, গাড়ি ইত্যাদি।

প্রাণিবাচক শব্দ: পাখি, হাতি ইত্যাদি।

খ) দেশ, জাতি ও ভাষার নাম লিখতে সর্বদা ই-কার হবে।

দেশ: জার্মানি, চিলি, হাইতি ইত্যাদি।

জাতি: বাঙালি, জাপানি ইত্যাদি।

ভাষা: ইংরেজি, হিন্দি, আরবি ইত্যাদি।

গ) –ইনী, -ঈ, -ঈয়সী, -নী, -বতী, -মতী, -ময়ী অন্ত্য প্রত্যয়যুক্ত স্ত্রীবাচক শব্দের শেষে সর্বদা ঈ-কার (ী) হবে। যেমন- মনোহারিণী, গরীয়সী, যুবতী, গণবতী, জননী, নারী ইত্যাদি।

ঘ) বিদেশী শব্দের বানান বাংলায় লেখার সময় ‘ষ’ ও ‘ণ’ না হয়ে ‘স’ ও ‘ন’ হবে।

চাকরির পরীক্ষায় প্রায়ই আসে এমন

অশুদ্ধ: ষ্টেশন  —  শুদ্ধ: স্টেশন

অশুদ্ধ: ফটোষ্ট্যাট —  শুদ্ধ: ফটোস্ট্যাট

অশুদ্ধ: কর্ণেল —  শুদ্ধ: কর্নেল

ঙ) বানানে যে বর্ণের উপর রেফ থাকবে, সেই বর্ণে দ্বিত্ব হবে না। যেমন-

চাকরির পরীক্ষায় প্রায়ই আসে এমন

অশুদ্ধ: ধর্ম্মসভা —  শুদ্ধ: ধর্মসভা

অশুদ্ধ: পর্ব্বত —  শুদ্ধ: পর্বত।

চ) বিশেষণবাচক ‘আলি’ প্রত্যয়যুক্ত শব্দে ই-কার হবে।

অশুদ্ধ: বর্ণালী — শুদ্ধ: বর্ণালি

অশুদ্ধ: রূপালী — শুদ্ধ: রুপালি

বাক্য শুদ্ধি
অশুদ্ধ: দৈন্য সর্বদা মহত্বের পরিচায়ক নয়।

শুদ্ধ: দৈন্য সর্বদা মহত্ত্বের পরিচায়ক নয়।

অশুদ্ধ: আমি সাক্ষী দিয়েছি।

শুদ্ধ: আমি সাক্ষ্য দিয়েছি।

অশুদ্ধ: অধ্যায়ন ছাত্রদের তপস্যা।

শুদ্ধ: অধ্যয়নই ছাত্রদের তপস্যা।

অশুদ্ধ: তাহার জীবন সংশয়ময় ।

শুদ্ধ: তাহার জীবন সংশয়াপূর্ণ ।

অশুদ্ধ: আমি অপমান হয়েছি।

শুদ্ধ: আমি অপমানিত হয়েছি।

অশুদ্ধ: একটা গোপন কথা বলি

শুদ্ধ: একটা গোপনীয় কথা বলি।

অশুদ্ধ: তার দারিদ্রতা অসহনীয়

শুদ্ধ: তার দারিদ্র্য অসহনীয়/ তার দরিদ্রতা অসহনীয়

অশুদ্ধ: এ কথা প্রমাণ হয়েছে।

শুদ্ধ: এ কথা প্রমাণিত হয়েছে।

অশুদ্ধ: আমি অপমান হয়েছি।

শুদ্ধ: আমি অপমানিত হয়েছি।

অশুদ্ধ: সর্ববিষয়ে বাহুল্যতা বর্জন কর।

শুদ্ধ: সব বিষয়ে বাহুল্য বর্জন কর।

অশুদ্ধ: তার সৌজন্যতা ভুলতে পারব না।

শুদ্ধ: তার সৌজন্য ভুলতে পারব না।

অশুদ্ধ: সে বড় দুরাবস্থায় পড়েছে

শুদ্ধ: সে বড় দুরবস্থায় পড়েছে।

অশুদ্ধ: বাংলা ব্যাকরণ অত্যান্ত জটিল

শুদ্ধ: বাংলা ব্যাকরণ অত্যন্ত জটিল।

অশুদ্ধ: লেখাপড়ায় তার মনযোগ নেই।

শুদ্ধ: লেখাপড়ায় তার মনোযোগ নেই।

অশুদ্ধ: আজকের সন্ধ্যা মনমুগ্ধকর

শুদ্ধ: আজকের সন্ধ্যা বড়ই মনোমুদ্ধকর।

অশুদ্ধ: অন্নাভাবে প্রতি ঘরে ঘরে হাহাকার।

শুদ্ধ: অন্নাভাবে ঘরে ঘরে হাহাকার।

অশুদ্ধ: সকল সভ্যগণ সভায় উপস্থিত ছিলেন।

শুদ্ধ: সকল সভ্য সভায় উপস্থিত ছিলেন।

অশুদ্ধ: তারা সকলেই এলো।

শুদ্ধ: তারা এলো/ সকলেই এলো।

অশুদ্ধ: বৃক্ষটি সমূলসহ উৎপাটিত হয়েছে।

শুদ্ধ: বৃক্ষটি সমূলে উৎপাটিত হয়েছে।

অশুদ্ধ: এ কাজটি আমার পক্ষে সম্ভব নহে।

শুদ্ধ: এ কাজটি করা আমার পক্ষে নম্ভব নয়।

অশুদ্ধ: এ কাজে তাহার হস্ত পাকা।

শুদ্ধ: এ কাজে তার হাত পাকা।

অশুদ্ধ: অরন্য জনপদে একটি চমৎকার পুস্তক।

শুদ্ধ: ‘অরণ্য জনপদে’ একটি চমৎকার পুস্তক।

অশুদ্ধ: ঝর্ণা, ঝর্ণা সুন্দরী ঝর্ণা।

শুদ্ধ: ঝরণা ঝরনা সুন্দরী ঝরনা।

অশুদ্ধ: এটি একটি মহৎ আবিস্কার।

শুদ্ধ: এটি একটি মহৎ আবিষ্কার।

অশুদ্ধ: তাদের যথোচিত পুরষ্কার দাও।

শুদ্ধ: তাদের যথোচিত পুরস্কার দাও।

অশুদ্ধ: কস্ট অর্থ ক্লেস।

শুদ্ধ: কষ্ট অর্থ ক্লেশ।

অশুদ্ধ: আমি সাক্ষী দিয়েছি।

শুদ্ধ: আমি সাক্ষ্য দিয়েছি।

অশুদ্ধ: মহারাজ সভাগৃহে প্রবেশ করলেন।

শুদ্ধ: মহারাজ সভাকক্ষে প্রবেশ করলেন।

অশুদ্ধ: সে সঙ্কট অবস্থায় পড়েছে।

শুদ্ধ: সে সঙ্কটে পড়েছে।

অশুদ্ধ: তিনি আরোগ্য হয়েছেন।

শুদ্ধ: তিনি আরোগ্য লাভ করেছেন।

অশুদ্ধ: তারা শব পোড়াতে গেল।

শুদ্ধ: তারা শবদাহ করতে গেল।

অশুদ্ধ: দরিদ্র আমাদের দেশের একটি অভিশাপ।

শুদ্ধ: দারিদ্র্য আমাদের দেশের একটি অভিশাপ।

 

বিগত সালের প্রশ্নপত্র:

০১. কোন বাক্যটি শুদ্ধ? (২৫তম বিসিএস)

ক. তাহার জীবন সংশয়পূর্ন

খ. তাহার জীবন সংশয়ভরা

গ. তাহার জীবন সংশয়াপূর্ণ

ঘ. তাহার জীবন সংশয়ময়

উত্তর- গ

০২. শুদ্ধ বাক্যটি চিহ্নিত করুন- (১২তম বিসিএস)

ক. বিদ্যান বক্তিগণ দরিদ্রের শিকার হন

খ. বিদ্যান বক্তিগণ দরিদ্রেতার স্বীকার হন

গ. বিদ্যান বক্তিগণ দারিদ্র্যের শিকার হন

ঘ. বিদ্যান বক্তিগণ দারিদ্রেতার স্বীকার হন

উত্তর- গ.

০৩. কোনটি শুদ্ধ বাক্য? ১১ তম বিসিএস)

ক. একটা গোপনীয় কথা বলি

খ. একটি গোপণ কথা বলি

গ. একটি গোপন কথা বলি

ঘ. একটি গুপ্ত কথা বলি

উত্তর- ক.

০৪. শুদ্ধ বাক্য কোনটি? (১১ তম বিসিএস)

ক. দুর্বলবশত অনাথিনী বসে পড়ল

খ. দুর্বলতাবশত অনাথা বসে পড়ল

গ. দুর্বলতাবশতঃ অনাথিনী বসে পড়ল

ঘ. দুর্বলবশত অনাথা বসে পড়ল

উত্তর- খ.

০৫. কোনটি শুদ্ধ বাক্য? (স্বরাষ্ট্র মন্ত্রণালয়ের মাদকদ্রব্য নিয়ন্ত্রণ অধিদপ্তরের উপপরিদর্শক ২০১৩)

ক. দারিদ্র্য বাংলাদেশের প্রধান সমস্যা

খ. দারিদ্র্যতা বাংলাদেশের প্রধান সমস্যা

গ. দারিদ্রতা বাংলাদেশের প্রধান সমস্যা

ঘ. দরিদ্র্য বাংলাদেশের প্রধান সমস্যা

উত্তর- ক.

০৬. কোন বাক্যটি শুদ্ধ তা নির্দেশ করুন।

ক. কীর্তিবাস বাঙলা রামায়ন লিখিয়াছেন

খ. কীর্তিবাস বাংলা রামায়ন লিখিয়াছেন

গ. কৃত্তিবাস বাঙলা রামায়ণ লিখিয়াছেন

ঘ. কৃত্তিবাস বাংলা রামায়ণ লিখিয়াছেন

উত্তর- ঘ

৭. শুদ্ধ বাক্যটি নির্ণয় করুন।

ক. দারিদ্র্য আমাদের প্রধান সমস্যা

খ. দারিদ্র্যতা আমাদের প্রধান সমস্যা

গ. দরিদ্রতা আমাদের প্রধান সমস্যা

ঘ. দারিদ্র্যতাই প্রধান সমস্যা

উত্তর- খ.

৮. শুদ্ধ বাক্যটি নির্দেশ করুন।

ক. আপনি সপরিবার আমন্ত্রিত

খ. আপনি স্বপরিবার আমন্ত্রিত

গ. আপনি সপরিবারে আমন্ত্রিত

ঘ. আপনি স্বপরিবারে আমন্ত্রিত

উত্তর- গ.

৯. শুদ্ধ রূপটি দেখান-

ক. সাহিত্য ও সাংস্কৃতিক অনুষ্ঠান

খ. সাহিত্যিক ও সাংস্কৃতিক অনুষ্ঠান

গ. সাহিত্য এবং সাংস্কৃতিক অনুষ্ঠান

ঘ. সাহিত্য ও সংস্কৃতিক অনুষ্ঠান

উত্তর- ক.

১০. শুদ্ধ বাক্যটি নির্দেশ করুন-

ক. বিরাট গরু-ছাগলের হাট

খ. বিরাট গরু ও বিরাট ছাগলের হাট

গ. বিরাট গবাদি পশুর হাট

ঘ. গরু-ছাগলের বিরাট হাট

উত্তর- ঘ

১০. শুদ্ধ বাক্যটি নির্দেশ করুন-

ক. দৈন্যতা প্রশংসানীয় নয়

খ. দীনতা প্রশংসনীয় নয়

গ. দৈন্যতা অপ্রশংসানীয়

ঘ. দৈন্যতা নিন্দনীয়

উত্তর- খ

১১. ‘বিদ্যান মুর্খ অপেক্ষা শ্রেষ্ঠতর” বাক্যটির শুদ্ধরূপ কোনটি?

ক. বিদ্যান মূর্খ অপেক্ষা শ্রেষ্ঠ

খ. বিদ্বান মূর্খ অপেক্ষা শ্রেষ্ঠ

গ. বিদ্বান মুর্খ অপেক্ষা শ্রেষ্ঠ

ঘ. বিদ্বান মুর্খ অপেক্ষা শ্রেষ্ঠতর

উত্তর- খ

১২. কোন বাক্যটি শুদ্ধ?

ক. ৫ জন ছাত্ররা স্কুলে যায়

খ. ৫ জন ছাত্রগণ স্কুলে যায়

গ. ৫ জন ছাত্র স্কুলে যায়

উত্তর- গ

১৩. কোন বাক্যটি শুদ্ধ?

ক. আমি সন্তোষ হলাম

খ. আমি সন্তুষ্ট হলাম

গ. আমি সন্তূষ্ট হলাম

ঘ. আমি সন্তোষ্ট হইলাম

উত্তর- খ

১৪. শুদ্ধ বাক্য কোনটি?

ক. দুর্বলবশত অনাথিনী বসে পড়ল

খ. দুর্বলতাবশত অনাথিনী বসে পড়ল

গ. দুর্বলবশত অনাথা বসে পড়ল

ঘ. দুর্বলতাবশত অনাথা বসে পড়ল

উত্তর- ঘ

১৫. কোন বাক্যটি শুদ্ধ?

ক. সর্বদা পরিস্কার থাকিবে

খ. সর্বদা পরিস্কৃত থাকিবে

গ. সর্বদা পরিস্কারময় থাকিবে

ঘ. সর্বদা পরিস্কৃতময় থাকিবে

ঙ. কোনোটিই নয়

উত্তর- ঙ

১৬. কোন বাক্যটি শুদ্ধ?

ক. তুমি কী ঢাকা যাবে?

খ. তুমি কি ঢাকা যাবে?

গ. তোমরা কী ঢাকা যাবে?

ঘ. তোমরা কী ঢাকায় যাবে?

ঙ. কোনটি নয়

উত্তর- খ

১৭. কোন বাক্যটি শুদ্ধ?

ক. রহিমা পাগল হয়ে গেছে

খ. রাহিমা পাগলি হয়ে গেছে

গ. রহিমা পাগলিনী হয়ে গেছে

ঘ. রহিমা পাগলী হয়ে গেছে

ঙ. কোনটি নয়

উত্তর- ক

১৮. সঠিক বাক্য কোনটি-

ক. মনোরম উদানে ভ্রমন দূরাকাঙ্খা

খ. মনরম উদ্যাণে ভ্রমন দুরাকাঙ্খা

গ. মনরম উদ্যাণে ভ্রমন দূরাকাংখা

ঘ.মনোরম উদ্যানে ভ্রমণ দূরাকাংখা

উত্তর: সঠিক উত্তর কোনোটিই নয়

১৯. নিচের কোন বাক্যটি সঠিক?

ক. আমি এ ঘটনা চাক্ষুস দেখেছি

খ. আমি এ ঘটনা চাক্ষুস প্রত্যক্ষ করেছি

গ. আমি এ ঘটনা স্বচক্ষে দেখেছি

ঘ. আমি এ ঘটনা স্বচক্ষে দেখিয়াছি

উত্তর- ক

বাংলা শুদ্ধ বানান ও বানানরীতির সমাহার

বাংলা আমাদের মাতৃভাষা। এই ভাষাটি যে অনেক সুন্দর ও মধুর তাতে কোন সন্দেহ নেই। ভাষাটিতে অনেকগুলো বর্ণ এবং তার সঙ্গে আরও অনেক সহযোগী চিহ্ণ ব্যবহৃত হওয়ায় প্রায় সকল ধরনের উচ্চারণই এ ভাষাতে করা যায়, যা পৃথিবীর অনেক ভাষাতেই সম্ভব হয় না। বর্ণ ও সহযোগী চিহ্নের আধিক্যের কারণে অনেক সময়ে আবার প্যাঁচও লাগে। এছাড়া আছে সংযুক্ত অক্ষর, শব্দের উৎপত্তিগত বিষয় ইত্যাদি। এগুলোও প্যাঁচ লাগিয়ে দেয়। সব মিলিয়ে প্রচুর বানান ভুল হয়। বানান ভুল যাতে আর না হয় সে জন্যেই এই “বাংলা শুদ্ধ বানান ও বানানরীতির সমাহার”।

                                                                      ১) বিসর্গ ও কোলন
আমরা প্রায়ই শিরোনাম বা প্রধান লেখার পরে বিসর্গ ব্যবহার করি, অতঃপর বিসর্গের পরে বিস্তারিত বক্তব্য লিখি। এটি ভুল। মনে রাখতে হবে, বিসর্গ একটি অক্ষর, ফলে আমরা যেখানে ‘বিসর্গ’ ব্যবহার করি সেটি আসলে বিসর্গ না হয়ে ‘কোলন’ হবে। যেমন- বাক্য পাঁচ প্রকারের, যথাঃ
এখানে যথার পরে বিসর্গ দেওয়া হয়েছে, এটি ভুল; এখানে কোলন (:) হবে। সেক্ষেত্রে এটা হবে- বাক্য পাঁচ প্রকারের, যথা:

                                                               ২) স্পেসের ব্যবহার
দাঁড়ি, কমা, সেমিকোলন, কোলন এসবের পর সবসময় একটা স্পেস হবে, তবে আগে কোন স্পেস হবেনা।

ভুল: সাবরিনা অনেক ভাল,সুন্দর ,লক্ষ্মী ও ভদ্র একটা মেয়ে।সে নিয়মিত ক্লাসেও উপস্থিত থাকে।
শুদ্ধ: সাবরিনা অনেক ভাল, সুন্দর, লক্ষ্মী ও ভদ্র একটা মেয়ে। সে নিয়মিত ক্লাসেও উপস্থিত থাকে।

অবশ্য অনেক ক্ষেত্রে কোলনের আগে স্পেস ব্যবহার করতে দেখা যায়। আসল নিয়মটা হলো কোলনের আগে অর্ধ-স্পেস ব্যবহারের। কিন্তু ইউনিকোডে অর্ধ-স্পেস সাপোর্ট না করায় কোলনের আগে কোন স্পেস ব্যবহার না করাই শ্রেয়।

                                                               ৩) ডটের (.) ব্যবহার
বাংলায় সংক্ষিপ্ত শব্দে ডট ব্যবহার হবে। যেমন- ড. (ডক্টর), লি. (লিমিটেড), মি. (মিস্টার) ইত্যাদি। ইংরেজিতে Govt. (Government), Ltd. (Limited), Mr. (Mister), Dr. (Doctor)। ইংরেজি শব্দের সংক্ষিপ্ত বর্ণ রূপে (Abbreviation) ডট ব্যবহার না করাই ভালো। যেমন— SSC, HSC, SMS, MMS, BCS, BA; বাংলায় এসএসসি, এইচএসসি, এসএমএস, এমএমএস, বিএ, বিকম ইত্যাদি। এক্ষেত্রে ডট ব্যবহার করা ভুল নয়, তবে আমাদের দ্বারা ভুলের সৃষ্টি হতে পারে। যেমন- BSc, PhD লিখতে গিয়ে B.S.C., P.H.D. লেখা। BSc, PhD-তে ডট ব্যবহার এভাবে হবে B.Sc., Ph.D. শুধু মাঝে ডট দিলে চলবে না (B.Sc, Ph.D) অর্থাৎ Sc. ও D.-এর পরেও ডট হবে; অনুরূপ বাংলাতেও। সুতরাং ভুল এড়াতে এবং বাংলা বানানের পরিচ্ছন্নতা রক্ষায় ডট ব্যবহার না করাই শ্রেয়। এসব শব্দে হাইফেন ( – ) বা কমাও ( , ) ব্যবহার করা যাবে না।

                                                                 ৪) কি ও কী
কি:
যেসব প্রশ্নের জবাব ‘হ্যাঁ’ বা ‘না’ দ্বারা দেওয়া যায়, অথবা মাথা নেড়ে বা সার্বজনীন ইশারায় দেওয়া যায় সেক্ষেত্রে ‘কি’ ব্যবহৃত হবে। যেমন:
সাবরিনা কি আমাকে চেনে?
তোমার নাম কি যুক্তিযুক্ত?
অনিমেষ কি গিয়েছিলে?
কি শীত কি গ্রীষ্ম!
মনে রাখা দরকার যে, এভাবে ব্যবহৃত এই ‘কি’ শব্দটি হচ্ছে অব্যয় পদ।
অন্য বর্ণের সাথে একসঙ্গে ‘কি’ এর ব্যবহার হয়। যেমন:
কিনা- ফারিহা আজ কলেজে যাবে কিনা জানি না।
নাকি- তানি আজ দুপুরে নাকি ভাত খায়নি।
কিরে- কিরে বন্ধু, আজ ক্লাস করবি না?
কিসে- হা হা, কিসে কী হল। (‘কি’ ও ‘কী’ একসঙ্গে লেখা)

কী:
যেসব প্রশ্নের জবাব ‘হ্যাঁ’ বা ‘না’ দ্বারা দেয়া যায় না, অথবা মাথা নেড়ে বা সার্বজনীন ইশারায় দেওয়া যায়না সেক্ষেত্রে ‘কী’ ব্যবহৃত হবে। যেমন:
তোমার নাম কী?
নিশাত কী বলতে চাও, বলো?
কী বিষয়ে অনার্স করছো?
কী থেকে তেল হয়?
কী জন্য রেগে গেলে?
মনে রাখা দরকার যে, এভাবে ব্যবহৃত এই ‘কী’ শব্দটি হচ্ছে সর্বনাম পদ।
বিভিন্ন পদরূপে ‘কী’ ব্যবহৃত হয়। যেমন:
কী আনন্দ! – বিশেষণ
কী সুন্দর! কী অপরূপ! – বিশেষণের বিশেষণ
তুমি কী খাবে? – সর্বনাম
কীভাবে? – ক্রিয়া-বিশেষণ।
(কীভাবে বানানটি নিয়ে মতদ্বৈততা আছে, কেউ বলেন এটা হবে ‘কিভাবে’)
‘কি’ এবং ‘কী’ ব্যবহারের ভুলটি আমাদের সবচেয়ে বেশি হয়। সিংহভাগই আমরা সব জায়গায় কি ব্যবহার করি। অথচ কেবল ‘হ্যাঁ’ ও ‘না’ বোধক উত্তর যেসব প্রশ্নের হয় সেসব ক্ষেত্রে ‘কি’ হবে। একটু খেয়াল করে কয়েকদিন চর্চা করলেই ভুলটি কাটিয়ে উঠা সম্ভব। উত্তরের পার্থক্যটা মাথায় রেখে লিখলেই ভুল হওয়ার আশঙ্কা কম থাকে।

                                              ৫) ‘কালীন’ মানেই ‘সময়’
মনে রাখা দরকার ‘কালীন’ মানেই ‘সময়’। ফলে এ দুটি শব্দ একসাথে বসে না।
ভুল: সমকালীন সময়ে
শুদ্ধ: সমকালীন
ভুল: খেলা চলাকালীন সময়।
শুদ্ধ: খেলা চলাকালে/ খেলা চলার সময়ে
ভুল: গর্ভকালীন সময়ে।
শুদ্ধ: গর্ভকালীন/গর্ভাবস্থায়
                                        ৬) এক বচন ও বহু বচনের ভুল
ভুল: সব বন্ধুদেরকে বলেছি।
শুদ্ধ: সব বন্ধুকে বলেছি।

                                            ৭) ন ও ণ
ঋ, র, ষ বর্ণের পরে দন্ত্য-ন মূর্ধন্য-ণ হয়; যেমন: ঋণ, বর্ণ, কারণ, ধারণা, দারুণ, বিষ্ণু, বরণ, ঘৃণা।
যদি ঋ, র, ষ বর্ণের পরে স্বরবর্ণ, ক-বর্গ, প-বর্গ, য, ব, হ থাকে; তার পরবর্তী দন্ত্য-ন মূর্ধন্য-ণ হয়ে যায়; যেমন : কৃপণ, নির্বাণ, নির্মাণ, পরিবহণ, গ্রহণ, শ্রবণ।
ট-বর্গের পূর্বের দন্ত্য-ন মূর্ধন্য-ণ হয়, যেমন : বণ্টন, লুণ্ঠন, খণ্ড, ঘণ্টা।
বাংলা ক্রিয়াপদের অন্তঃস্থিত দন্ত্য-ন মূর্ধন্য-ণ হয় না, যেমন : ধরেন, মারেন, করেন।
বিদেশী শব্দের দন্ত্য-ন কখনোই মূর্ধন্য-ণ হয় না; যেমন : কোরান, জার্মানি, ফরমান, ফ্রান্স, রিপন, লন্ডন, ড্যান্ডি, ইন্ডিয়া/ ইনডিয়া, প্রিন্ট, পেন্টাগন, মডার্ন, ইস্টার্ন, পর্নোগ্রাফি, কর্নার, বার্ন, হর্ন, পপকর্ন।
সন্ধি বা সমাসনিষ্পন্ন শব্দে ণ হয় না; যেমন: দুর্নীতি, দুর্নিবার, দুর্নাম, ত্রিনয়ন।
মানুষ “ন আর ণ”-এই দুটোর মধ্যে এতো বেশি গোল পাকায়, এটা ধারণার বাইরে। ছোটোখাটো বানান, যেমন- কারণ, নিয়ন্ত্রণ, সাধারণ বানানেও অনেকেই দেদারসে ‘ন’ ব্যবহার করে। অথচ এসব জায়গায় ‘ণ’ হবে।

বিশেষ দ্রষ্টব্য: ধারণা ও দারুণ বানানে ণ হলেও ধরন ও দরুন বানানে ন। বর্ণ থেকে উদ্ভূত বরনে ন হলেও বরণ করে নেয়ার বরণে ণ। এছাড়া ধরনা, ঝরনা/ঝর্না বানানে ন।

৮) দরিদ্র ও দারিদ্র্য
‘দরিদ্র’ বিশেষণ আর ‘দারিদ্র্য’ ও ‘দরিদ্রতা’ বিশেষ্য। ‘দারিদ্রতা’ বলে কোনো শব্দ নেই।

৯) স্মরণ ও সরণ
‘সরণ’ মানে রাস্তা, সরণ থেকে ‘সরণি’। যেমন- রোকেয়া সরণি, বিজয় সরণি, প্রগতি সরণি। স্মরণ মানে মনে করা। যেমন- স্মরণসভা। সরণির সাথে স্মরণের কোনো সম্পর্ক নেই।

১০) পরা ও পড়া
‘পরা’ আর ‘পড়া’ এক না। কেবল পরিধান করা অর্থে ‘পরা’ এবং বাকি সব ক্ষেত্রে ‘পড়া’। যেমন-

পরা:
আমি পাঞ্জাবি পরি।
বাবা চশমা পরেন।
সে শাড়ি পরেছে।
চাচি বোরকা পরতেন।
মা শাড়ি পরেছেন।
নানি চাদর পরতেন।
সেদিন নীল পাঞ্জাবি পরেছিলাম, আজ লাল পাঞ্জাবি পরব।
সাবরিনা চোখে কাজল পরতে পছন্দ করে।
কোনোমতে খেয়ে-পরে বেঁচে আছি।
আমি কারোটা খাইও না, পরিও না।
সেদিনের ঐ শাড়ি-পরা বালিকাটিকে আর কোথাও দেখিনি।
কে শাড়ির ওপর ব্লাউজ পরল, আর কে ব্লাউজের ওপর শাড়ি পরল; তাতে কার কী আসে-যায়? যার যা ইচ্ছে, পরুক!
পড়া:
সে বই পড়ে।
বৃষ্টি পড়ছে।
সে প্রেমে পড়েছে।
তিনি পড়ে গিয়ে ব্যথা পেয়েছেন
প্রশ্ন কমন পড়েনি।
শেয়ারবাজার পড়ে গেছে।
বই পড়ছি।
গাছ থেকে আম পড়ল।
লোকটা রিকশা থেকে পড়ে গেল।
বাজারে আলুর দাম পড়ে গেছে।
বেজায় গরম পড়েছে।
রাগ পড়ে গেছে।
ভারি বিপদে পড়েছি।
অর্থের পার্থক্যটা মাথায় রেখে লিখলে ভুল হওয়ার আশঙ্কা কম থাকে।

১১) আ-কার এর কারণে ণ
ধরন ও দরুন বানানে ন। ধারণ, ধারণা, দারুণ বানানে ণ। খেয়াল রাখতে হবে- দ বা ধ এর সাথে আ-কার বসলে পরে ণ হয়, আ-কার না বলে ন হয়।

১২) দ্রব্যমূল্য ও দ্রব্যমূল্যের দাম
‘দ্রব্যমূল্য’ অথবা ‘দ্রব্যের দাম’ শুদ্ধ। ‘দ্রব্যমূল্যের দাম’ কথাটা ভুল, মূল্য মানেই দাম।

১৩) উদ্দেশ্য ও উদ্দেশ
উদ্দেশ্য = লক্ষ্য, উদ্দেশ = প্রতি।
সংকট নিরসনের উদ্দেশ্যে রাষ্ট্রপতি জাতির উদ্দেশে ভাষণ দেবেন, ভাষণ শেষে তিনি ব্রিটেনের উদ্দেশে ঢাকা ত্যাগ করবেন।

১৪) লক্ষ ও লক্ষ্য
লক্ষ = লাখ, দৃষ্টি। লক্ষ্য = উদ্দেশ্য। জীবনের লক্ষ্য পূরণের দিকে লক্ষ রাখতে হবে। আমার দিকে লক্ষ করো। লক্ষ করে শোনো।

১৫) চন্দ্রবিন্দু
দাঁড়িপাল্লা, দাঁড়ি-মাল্লা, দাঁড়ি-কমা ইত্যাদি সব দাঁড়িতে চন্দ্রবিন্দু থাকলেও কেবল দাড়ি-মোচের দাড়িতে চন্দ্রবিন্দু নেই। কাঁচা ও হাঁড়িতে চন্দ্রবিন্দু আছে, কাচ ও হাড়ে নেই।

১৬) ভারি ও ভারী
ভারি = খুব, ভারী = ওজনদার। ক্লাসের ভারী-ভারী বই পড়তে ভারি কষ্ট লাগে।

১৭) উত্তম, মধ্যম ও নাম পুরুষ
ভুল: আমি ও সে যাব।
শুদ্ধ: সে ও আমি যাব।
বাক্যে একাধিক পুরুষ থাকলে উত্তম পুরুষটি শেষে বসবে। ক্রম হবে- সে>তুমি>আমি।

১৮) নিচ ও নীচ
নিচ = নিম্ন, নীচ = জঘন্য। আমাদের নিচতলার ভাড়াটিয়া অত্যন্ত নীচ প্রকৃতির মানুষ।

১৯) নিত্য শ
‘পোশাক’ বানানে শ।

২০) জীবী ও জীবি
আইনজীবী, বুদ্ধিজীবী, পেশাজীবী ইত্যাদি সকল জীবী-তে দুটোই দীর্ঘ ই-কার; কিন্তু জীবিকা বানানে ব-য় হ্রস্ব ই-কার অর্থাৎ ‘বি’।

২১) ত্য, ত্ত, ত্ত্ব, ত্ব
সত্য বানানে ত্য, সত্তা বানানে ত্ত, সত্ত্বেও বানানে ত্ত্ব, স্বত্বাধিকারী বানানে ত্ব।

২২) ভুঁড়ি ও ভূরি
ভুঁড়ি : নাড়ি-ভুঁড়ি
ভূরি : এ জগতে হায় সে-ই বেশি চায়, আছে যার ভূরি-ভূরি!

২৩) জোর ও জোড়
জোর = শক্তি
জোড় = যুগল
বাবা তাকে জোরে ধমক দিলেন, সে করজোড়ে ক্ষমা চাইল। জোরাজুরি করলে কারো মনও পাবে না, বেজোড় থেকে জোড়ও হতে পারবে না। সে পরীক্ষায় বড়জোর ৪০ পাবে।

২৪) স্বার্থক নয় সার্থক
স্বার্থক না, সার্থক; স্বার্থকতা না, সার্থকতা।

২৫) য় নয় র
‘সে আশায় গুড়েবালি’ কথাটা ঠিক নয়, কথাটা হবে ‘সে আশার গুড়ে বালি’।

২৬) অন্তঃস্থল নয় অন্তস্তল
‘অন্তরের অন্তঃস্থল’ না, ‘অন্তরের অন্তস্তল’।

২৭) আপস/আপোস/আপোষ
বাংলা একাডেমির অভিধান মতে আপস, আপোস এবং আপোষ এই তিনটা বানানই সঠিক।

২৮) ‘ওঠে’ ও ‘উঠে’
ওঠে’ সমাপিকা ক্রিয়া, ‘উঠে’ অসমাপিকা ক্রিয়া। সে খুব সকালে ঘুম থেকে ওঠে। ঘুম থেকে উঠে ছাদে ওঠে। ছাদে উঠে আকাশ দেখে।

২৯) ক্ষ-এর নিচে ম
লক্ষ্মী, যক্ষ্মা বানানে ক্ষ-এর নিচে একটা ম-ও আছে।

৩০) ষ্ঠ ও তম
কনিষ্ঠ মানেই সবার ছোট, জ্যেষ্ঠ মানেই সবার বড়, শ্রেষ্ঠ মানেই সবার সেরা। কনিষ্ঠতম, জ্যেষ্ঠতম, শ্রেষ্ঠতম বলে কোনো শব্দ নেই।

৩১) যুক্তবর্ণে ন ও ণ’র ভুল
অপরাহ্ণ ও পূর্বাহ্ণ বানানে ণ; সায়াহ্ন, মধ্যাহ্ন, আহ্নিক ও চিহ্ন বানানে ন।

৩২) গাঁথা ও গাথা
গাঁথা = গ্রন্থন (মালা গাঁথা, সুতো গাঁথা)
গাথা = কবিতা (সাফল্যগাথা, বীরত্বগাথা, জীবনগাথা, দুঃখগাথা)

৩৩) লী নয় লি
অঞ্জলি বানানে ই-কার। এভাবে শ্রদ্ধাঞ্জলি, গীতাঞ্জলি।

৩৪) দু, দূ ও দুঃ
দূর বানানে দীর্ঘ ঊ-কার; কিন্তু দুর্নীতি, দুর্লভ, দুর্গম, দুর্নাম, দুর্ধর্ষ, দুর্দিন, দুঃস্থ, দুষ্প্রাপ্য, দুর্বল, দুর্গ ইত্যাদিতে হ্রস্ব উ-কার।
দুঃসম্পর্কের আত্মীয় না, দূরসম্পর্কের আত্মীয়।

৩৫) শীষ ও শিস
শীষ- গুচ্ছ। গমের শীষ। শিস- শুভ কামনা। শব্দটি ‘আশীষ’ বা ‘আশিশ’ নয়, ‘আশিস’। এভাবে শুভাশিস, দেবাশিস, স্নেহাশিস হবে।

৩৬) ভাষাভাষী নয় শুধু ভাষী
‘বাংলা ভাষাভাষী’ বা ‘ইংরেজি ভাষাভাষী’ লেখা নিষ্প্রয়োজন, ‘বাংলাভাষী’ বা ‘ইংরেজিভাষী’ লিখলেই চলবে।

৩৭) বেশি ও বেশী
বেশি = খুব, অনেক
বেশী = বেশধারী (ছদ্মবেশী, ভদ্রবেশী)

৩৮) য-ফলা আছে
সন্ন্যাসী বানানে ‘ন্ন্যা’, সন্ধ্যা বানানে ‘ন্ধ্যা’।
জ্যেষ্ঠ, জ্যৈষ্ঠ, জ্যোতি, জ্যোৎস্না, ন্যূনতম, ব্যূহ বানানে য-ফলাগুলো কই-কই বসেছে; লক্ষ রাখতে হবে।

৩৯) কারণ ও কেননা
ইতিবাচক বাক্যে ‘কারণ’ বসবে, যেমন : সে ভালো ফলাফল করেছে, কারণ সে নিয়মিত স্কুলে যায়।

নেতিবাচক বাক্যে ‘কেননা’ বসবে; যেমন : সে পাশ করেনি, কেননা সে লেখাপড়ায় মনোযোগী ছিল না। সে ভালো নেই, কেননা তার বাবা মারা গেছেন। অর্থাত যেসব বাক্যে ‘না, নি, নেই’ ইত্যাদি আছে; সেসব বাক্যে ‘কেননা’ বসে।

৪০) ষ ব্যবহারের ব্যতিক্রম
বিদেশী কোনো শব্দেই ‘ষ’ না বসলেও কেবল ‘খ্রিষ্ট’ শব্দটিতে ‘ষ’ বসবে। ‘খ্রিষ্ট’ শব্দটি ইংরেজি ‘ক্রাইস্ট’ থেকে এলেও এটি বাংলা ভাষায় ঢুকে আত্মীকৃত হয়ে গেছে এবং এর উচ্চারণও বদলে গিয়ে সংস্কৃত শব্দ ‘কষ্ট’, ‘নষ্ট’ ইত্যাদির মতো হয়ে গেছ। ফলে খ্রিষ্ট, খ্রিষ্টীয়, খ্রিষ্টপূর্ব, খ্রিষ্টাব্দ, খ্রিষ্টান ইত্যাদিতে ‘ষ’ লিখতে হবে।

৪১) ভাল ও ভালো
ভাল – ভালো, কাল – কালো একক শব্দ হিসেবে লিখলে দুটো বানানই ঠিক।কিন্তু এর অন্য কিছু জুড়ে দিলে ‘লো’ হবে। যেমন: ভালোবাসা কালোবাজার।

৪২) তৈরি ও তৈরী
‘তৈরি’ এবং ‘তৈরী’ দুটো বানানই সঠিক।

 

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